विश्‍व का भूगोल

संजय धाकड़

[Enter Post Title Here]

 

 

ब्रह्मांड एवं सौरमंडल 

·                     140 .=भू केंद्रीय सिद्धांत: टोलेमी 

·                     1543 .=सूर्यकेंद्री सिद्धान्तकोपरनिकस:— आधुनिक खगोलशास्त्र के जनक 

·                     1600 .=ग्रहों की गति के नियमकेपलर 

·                     1609 .=अपवार्तक दूरबीन का आविष्कार, सूर्य के धब्बे की खोजगैलीलियो 

·                     1668 .=परावर्तक दूरबीन का आविष्कारन्यूटन 

·                     1805 .=ब्रह्माण्ड का असीमित विस्तारहरशेल 

·                     1925 .=ब्रह्माण्ड का विस्तार हो रहा हैएडविन पी हब्बल 

तारे का जीवन चक्र (जन्म और मृत्यु) 

·                     आकाशगंगा के घूर्णन से ब्रह्मांड में विद्यमान गैसों का मेघ प्रभावित होता है तथा परस्पर गुरुत्वाकर्षण के कारण उनके केंद्र में नाभिकीय संलयन शुरू होता है 

·                     श्वेत वामन तारा ठंडा होकर काला बामन तारे में परिवर्तित हो जाता है1.4 एम एस को चंद्रशेखर सीमा कहते हैं इससे अधिक द्रव्यमान होने पर मुख्य रूप से घूमते इलेक्शन अत्यधिक गति के कारण नाभिक को छोड़कर बाहर चले जाते हैं तथा न्यूट्रॉन चे रह जाते हैं इस अवस्था को न्यूट्रॉन तारा या पल्सर कहते हैं। 

·                     16 जून 1819 को गुजरात राज्य के कच्छ में भयंकर भूकंप आया था। इस भूकंप के कारण समुद्र में जोरदार सुनामी लहरें उत्पन्न हुईं। इससे उच्च सागरीय तरंग के कारण गुजरात का तटवर्ती भाग जलमग्न हो गया इस भूकंप के कारण 24 किलोमीटर की लंबाई में स्थलीय भाग ऊपर उठ गया। जल से घिरे हुए इसी ऊपर उठे हुए स्थलीय भाग पर लोग अपनी प्राण रक्षा कर सके। इसी कारण इस स्थलीय भाग को अल्लाह बांध कहा जाता है। इसका निर्माण उपारिमुखी बल के प्रभाव से उत्थान एवं निर्गमन की प्रक्रिया द्वारा हुआ है। 

·                     मुंबई का प्रिंस डॉक यार्ड क्षेत्र का निर्माण अधोमुखी बल के प्रभाव से अवतलन एवं निमज्जन की प्रक्रिया द्वारा हुआ है 

·                     भूसन्नति:— भूसन्नति लंबेसकरे तथा उथले जलीय भाग होती हैं जिनमें तलछटीय निक्षेप साथ-साथ तली में धंसाव होता है। मोड़दारया वलित पर्वतों की व्याख्या के क्रम में भूसन्नति संकल्पना का विकास हुआ। भूसन्नतियों का पर्वत निर्माण से संबंध होने के कारण कोबर ने इसे पर्वतों का पालना कहा है एवं पर्वत निर्माणक भूसन्नति का सिद्धांत दिया कोबर के अनुसार टेथिस भूसन्नति के अवसादों के वलन से हिमालय पर्वत की श्रेणियों का निर्माण हुआ है। 

·                      

भौतिक भूगोल 

भौतिक भूगोल के अध्ययन के अंतर्गत स्थलमंडलजलमंडल, वायुमंडल तथा जीव मंडल के क्रमबद्ध अध्ययन तथा इनके मध्य पारस्परिक क्रियाओं एवं अंतर संबंधों के अध्ययन को सम्मिलित किया जाता है 

सामान्यतया भौतिक भूगोल को चार भागों में विभक्त किया जा सकता है 

1.       भू आकृति यन करता है इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के उच्चावचों को समाहित किया गया है 

I.          प्रथम श्रेणी के उच्चावच:— 

II.          द्वितीय श्रेणी के उच्चावच 

III.          तृतीय श्रेणी के उच्चावच 

2.       समुद्र विज्ञान:— जलमंडल या सागरों के अध्ययन को समुद्र विज्ञान कहते हैं। 

3.       जलवायु विज्ञान:— पृथ्वी के चतुर्दिक व्याप्त जैसी आवरण को वायुमंडल कहते हैं भाई मंजू का अध्ययन करने वाले विज्ञान को मौसम विज्ञान तथा जलवायु विज्ञान कहते हैं 

 

4.       जीमण्डल:— पृथ्वी के सभी जीवित जीव तथा पर्यावरण जिससे इन जीवो की पारस्परिक क्रिया होती हैमिलकर जीने मंडल की रचना करते हैं। जीवमंडल के इस आवरण का संगठन सामान्य रूप से 30 किलोमीटर से कम मोटी वायु, जलमिट्टी तथा शेल की पतली परत से होता है जिसके अंतर्गत भौतिक पर्यावरण मृदा प्राणी तथा वनस्पतियों का अध्ययन किया जाता है 

भूकंप एवं सुनामी 

1.        भूकंप भू पृष्ठ पर होने वाला आकस्मिक कंपन हैजो भू गर्भ में चट्टानों के लचीलापन या समस्थिति के कारण होने वाले समायोजन का परिणाम होता है यह प्राकृतिक और मानवीय दोनों कारणों से हो सकता है प्राकृतिक कारणों में ज्वालामुखी क्रिया, विवर्तनिक अस्थिरता, संतुलन स्थापना के प्रयास, वलन  भ्रंशनप्लूटोनिक घटनाएं तथा भूगर्भिक गैसों का फैलाव आदि शामिल किए जाते हैं रीड के प्रत्यास्थ पुनश्चलन सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक चट्टान में तनाव सहने की सीमित क्षमता होती है उसके पश्चात यदि तनाव और अधिक हो जाए तो चट्टान टूट जाता है तथा टूटा हुआ भाग अपने स्थान पर वापस आ जाता है इस प्रकार चट्टानों में ब्रिनसन की घटनाएं होती है और भूकंप आते हैं कृपया मानव निर्मित भूकंप मानवीय क्रियाओं की आवश्यकता के परिणाम होते हैं इस संदर्भ में विवर्तनिक रूप से प्रदेशों में सड़क निर्माण का उदाहरण लिया जा सकता है इसके अलावा परमाणु परीक्षण भी भूकंप के लिए उत्तरदाई है इस क्षेत्र में भूकंप आने का संकेत होता है होता है 

2.        भूकंप आने के पहले वायुमंडल में रेडॉन गैस की मात्रा में वृद्धि हो जाती है। अतः इस गैस की मात्रा में वृद्धि होना उस क्षेत्र विशेष में भूकंप आने का संकेत होता है। 

3.        जिस जगह से भूकंपीय तरंगे उत्पन्न होती है, उसे भूकंप मूल (Focus) कहते हैं तथा पृथ्वी की सतह पर वह स्थान जो भूकंप मूल के लंबवत स्थित होता है अर्थात जहां सर्वाधिक का तीव्रता का भूकंप आता है तथा जहां सर्वप्रथम भूकंपीय लहरों का अनुभव किया जाता है, वह भूकंप का अधिकेंद्र (epicentre) कहलाता है 

भूकंपीय तरंगे:— भूकंप के दौरान में भूकंप मूल से जो ऊर्जा निकलती है,  उसे प्रत्यास्थ ऊर्जा कहते हैं। भूकंप के समय आंतरिक भागों से ऊर्जा का स्थानांतरण चारों दिशाओं में यांत्रिक तरंगों के रूप में होता हैजिन्हें भूकंपीय तरंगों के नाम से जाना जाता है। ये तीन प्रकार की होती है— 

1.       तरंगे:—  

·                     यह तरंगे लघु तरंग धैर्य और कुछ आकृति वाली अनुदैर्ध्य तरंगे होती हैं। 

·                     यह तिरंगे भूकंप के केंद्र से पृथ्वी की आंतरिक भागों की ओर अग्रसर होती है तथा ठोस द्रव गैस तीनों माध्यमों में प्रवाहित होती है परंतु ठोसों में इन तरंगों की गति सर्वाधिक माध्यम में होती है। 

·                      इनकी औसत गति 8 किलोमीटर प्रति लोगों को प्राथमिकता होती है 

·                     भूआकृति 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 ```

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पर्वत 

परिभाषा:— धरातल से उठे हुए वे भाग जिनमें तीव्र ढाल होता है तथा आधार चौड़ा व शिखर क्षेत्र संकुचित होता है एवं जिनकी ऊंचाई 1000 मीटर से अधिक होती है, पर्वत कहलाते हैं। 

·                     धरातल के 26% भाग पर पर्वत एवं पहाड़ियों का विस्तार है जो भूपटल पर द्वितीय श्रेणी के उच्चावच हैं। 

·                     उहू 

·                      

·                     एमएम 

·                      

पर्वतों का वर्गीकरण: निर्माण प्रक्रिया के आधार पर 

·                     मोड़दार या वलित पर्वत: पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों द्वारा धरातलीय थाना में मोरिया बलम पड़ने के कारण बनी पर्वतों के मुहूर्त आर्यावर्त पर्वत कहा जाता है बोरदार पर्वत विश्व के सबसे ऊंचे तथा सर्वाधिक के विस्तृत पर्वत है 

जैसे:— 

·                     अवरोधी पर्वत:— इनका निर्माण तनाव या खिंचाव बल के कारण होता है। इनमें भ्रंश या दरार बनती है जिससे धरातल का कुछ भाग धंस जाता है  कुछ भाग ऊपर उठ जाता है ऊपर उठे हुए भाग को अवरोधी पर्वत कहते हैं। 

·                     कैलिफोर्निया का सियरा नेवादा विश्व का सबसे विस्तृत ब्लॉक पर्वत है। 

·                     यूरोप में वासजेस तथा ब्लैक फॉरेस्ट पर्वत ब्लॉक पर्वत के प्रमुख उदाहरण हैं। इनके मध्य भाग में धसाव के कारण राइन भू भ्रंश घाटी का निर्माण हुआ है। 

·                     यूएसए का वासच रेंज तथा पाकिस्तान का साल्ट रेंज भी ब्लॉक पर्वत के उदाहरण है। 

·                     भारत के विंध्य और सतपुड़ा पर्वत भी ब्लॉक पर्वत के उदाहरण हैं इनके मध्य भाग के धंसाव के कारण नर्मदा भू भ्रंश घाटी का निर्माण हुआ है। 

·                     ज्वालामुखी पर्वत:— ज्वालामुखी उद्गार से निकले पदार्थों के जमाव से निर्मित शंकु या स्थलाकृति को ज्वालामुखी पर्वत कहते हैं। जैसे: अमेरिका का माउंट रेनियरजापान का माउंट फुजियामातंजानिया का माउंट किलिमंजारो आदि। 

·                     अवशिष्ट पर्वत:— ऐसे पर्वत जिनका अपरदन की क्रियाओं द्वारा अधिकांश भाग अपरदित हो चुका है और वर्तमान में सिर्फ अवशेष रूप में अवस्थित हों, उन्हें अवशिष्ट पर्वत की संज्ञा दी जाती है। 

·                     भारत में अरावलीसतपुड़ा, विंध्य तथा अमेरिका की अपलेसियन पर्वत श्रेणी अवशिष्ट पर्वत के उदाहरण हैं। 

·                     गुंबद आकार पर्वत:— पृथ्वी की आंतरिक भाग का मैग्मा बाहर निकलने का प्रयास करता है धरातल की ऊपरी पड़ता प्रभाव पड़ता है जिसके कारण 17 प्रभाव उत्पन्न हो जाता है इसे गुंबद आकार पर्वत कहते हैं। जैसे: यूएसए का ब्लैक हिल्सहेनरी पर्वत। 

क्र. 

पर्वत का नाम 

अवस्थिति 

1. 

कार्डिलेरा डि लॉस एंडीज 

दक्षिण अमेरिका 

2. 

रॉकी पर्वत श्रेणी 

उत्तरी अमेरिका 

3. 

हिमालय प्रवचन 

एशिया 

4. 

ग्रेट डिवाइडिंग रेंज 

ऑस्ट्रेलिया 

5. 

यूराल पर्वत श्रेणी 

 

पूर्वी रूस 

यूरोप को एशिया से अलग करती है। 

 

काकेशास पर्वत श्रेणी 

रूस 

यूरोपको एशिया से अलग करती है। 

6. 

एटलस पर्वत 

अफ्रीका 

7. 

ड्रेकेंसबर्ग  

अफ्रीका 

8. 

अपलेसियन पर्वत श्रेणी 

अमेरिका 

9. 

अलास्का पर्वत श्रेणी 

अमेरिका (माउंट मैकिनले) 

10. 

एलब्रुस तथा जाग्रोस 

ईरान 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पठार 

परिभाषा:— जीजीआई से होकर गुजरती हुई हैं कि इस अधिनियम को भी चलाना चाहते 

झील 

पृथ्वी के धरातल के मध्य स्थित जलीय भाग को झील कहते हैं।“ 

बनावट के आधार पर झील के प्रकार: 

1.        झील:— भूगर्भिक हलचलों एवं धरातल के बहिर्जात बलों से उत्पन्न झीलों को प्राकृतिक झीलें कहा जाता है। जैसे:— कैस्पियन सागरसांभर झीलवूलर झील आदि। 

2.       कृत्रिम झील:— मानव द्वारा निर्मित झीलें कृत्रिम झील कहलाती है। जैसे:— हूबर(USA) झील, चंबल की गांधी सागर झील, गोविंद बल्लभ पंत झील आदि। 

 जल की प्रकृति के आधार पर झीलों के प्रकार:—  

1.       खारे पानी की झील:— प्रायः जिन झीलों में जल का प्रवाह नहीं होता है। इनमें नदियां तो करती हैलेकिन निकलती नहीं है और नदियां चट्टानों के खनिजों को बाहर लाती है और झीलों में एकत्रित कर देती है जिससे खारे पानी की झीलों का निर्माण होता है जैसे:— कैस्पियन सागर, सांभर झीलचिल्का झील आदि। 

2.       मीठे या ताजे पानी की झील:— इस प्रकार की झीलों में जलापूर्ति तथा निकासी दोनों की व्यवस्था पाई जाती है। इसी कारण नमक कभी संचित नहीं हो पाता जैसे:— सुपीरियर झीलबैकाल झीलवूलर झील आदि। 

उत्पत्ति के आधार पर झील:—  

1.       वलन से निर्मित झील: 

2.        भ्रंशन द्वारा निर्मित:—  

3.       दरार घाटीकीझीलें:— 

4.        क्रेटर झील: 

5.        हिमानी निर्मित झीलें: 

विश्व का प्रादेशिक भूगोल 

एशिया 

·                     चीन का सबसे बड़ा शहर शंघाई तथा वुहान यांगत्सीक्यांग नदी के तट पर स्थित है 

·                     पैंगोंग झील:— भारत चीन की सीमा पर:— भारत व चीन के मध्य वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) यहीं से गुजरती है। 

·                     महावेली गंगा श्रीलंका की सबसे लंबी नदी है। 

·                     जापान का सबसे बड़ा द्वीप होंशू है। जापान की राजधानी टोक्यो इसी द्वीप पर स्थित है 

·                     जावा द्वीप इंडोनेशिया का सर्वाधिक जनसंख्या वाला द्वीप है। इसे इंडोनेशिया का हृदय स्थल कहते हैं। जावा द्वीप का क्षेत्रफल इंडोनेशिया के कुल क्षेत्रफल का 7% है किंतु यहां पर देश की 70% जनसंख्या निवास करती है 

अफ्रीका 

·                     दक्षिण अफ्रीका की प्रशासनिक राजधानी:— प्रिटोरिया 

·                     दक्षिण अफ्रीका की विदाई राजधानी:— केपटाउन 

·                     दक्षिण अफ्रीका की न्यायिक राजधानी:— ब्लोएमफोंटेन 

·                     दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर:— जोहांसबर्ग 

·                     ड्रेकेंसबर्ग पर्वत श्रेणी दक्षिण अफ्रीका में स्थित है। (UPPSC) 

·                     विक्टोरिया झील अफ्रीका की सबसे बड़ी झील है। इसकी सीमा पर 3 देश केन्यायुगांडा और तंजानिया स्थित है। 

उत्तरी अमेरिका 

·                     अमेरिका का सबसे बड़ा शहर:—  न्यूयॉर्क  

·                     लॉस एंजिल्स:— कैलिफोर्निया राज्य में अवस्थित अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा शहर  

तथा हॉलीवुड के लिए प्रसिद्ध शहर 

दक्षिणी अमेरिका 

·                      

यूरोप 

·                     जॉर्जियाआर्मेनिया तथा अजरबैजान को संयुक्त रूप से काकेशस राज्य कहा जाता है। 

·                     जिब्राल्टर जलसंधि यूरोप को अफ्रीका से अलग करती है। 

·                     राइन नदी फ्रांस व जर्मनी की सीमा बनाती है। 

ऑस्ट्रेलिया 

·                     ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा हैकिन्तु यहां का सबसे बड़ा शहर सिडनी(imp) है 

·                     ऑस्ट्रेलिया में आने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवात को विलीविली(UPPSC) कहा जाता है। 

·                     न्यूज़ीलैंड को दक्षिण का ब्रिटेन कहा जाता है। 

·                     दक्षिणी आल्पस पर्वत श्रेणी न्यूजीलैंड में ही स्थित है। 

अंटार्कटिका 

·                     विश्व का सबसे बड़ा ग्लेशियर लैंबर्ट अंटार्कटिका में अवस्थित है 

·                     इसे विज्ञान के लिए समर्पित महाद्वीप कहा जाता है। 

·                     अंटार्कटिका महाद्वीप पर पहुंचने वाले प्रथम भारतीय  लेफ्टीनेंट रामचरण थे। 

·                     जबकि भारत का प्रथम वैज्ञानिक दल 1981—82 में एसजेड कासिम के नेतृत्व में गया था 

 

 

1

 

 

 

 

2

 

 

 

34

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

387

 

 

 

3

 

 

 

4

 

 

 

 

 


Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

वैश्वीकरण उत्तर लेखन

मानव विकास सूचकांक 2020