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गीता ज्ञान

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Adver   आस्था ये हैं भगवदगीता के 10 सबसे लोकप्रिय श्लोक, जिनमें समाहित हैं गूढ़ जीवन-दर्शन   आस्था   Written by  Shyamnandan Updated : March 01, 2017 13:35 IST श्रीमद्भगवद्गीता दुनिया के वैसे श्रेष्ठ ग्रंथों में है, जो न केवल सबसे ज्यादा पढ़ी जाती है, बल्कि कही और सुनी भी जाती है. कहते हैं जीवन के हर पहलू को गीता से जोड़कर व्याख्या की जा सकती है. भारत की सनातन संस्कृति में श्रीमद्भगवद्गीता न केवल पूज्य बल्कि अनुकरणीय भी है. कहते हैं, इस ग्रंथ में उल्लिखित उपदेश इसके 18 अध्यायों में लगभग 720 श्लोकों में हैं. प्रस्तुत है इस महान दार्शनिक ग्रंथ के कुछ चुनींदा श्लोक: (1) नैनं छिद्रन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक: । न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत ॥ (द्वितीय अध्याय, श्लोक 23) इस श्लोक का अर्थ है: आत्मा को न शस्त्र  काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है। न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है। (यहां भगवान श्रीकृष्ण ने आत्मा के अजर-अमर और शाश्वत होने की बात की है।) (2) हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम्,  जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्। तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्...

आईएएस परीक्षा के लिए उपयोगी पुस्तकें

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)  (सामान्य अध्ययन)  परीक्षा के लिये उपयोगी पुस्तकें सामान्य अध्ययन के सभी परंपरागत विषयों के अध्ययन के लिये कक्षा 6 से 12 (इतिहास, भूगोल, विज्ञान) तथा कक्षा 9 से 12 (राजव्यवस्था और अर्थशास्त्र) तक की एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकों को पढ़ना अनिवार्य है, क्योंकि ये पुस्तकें अवधारणाओं की वास्तविक समझ विकसित करती हैं। इन पुस्तकों को पढ़ने के बाद ही किसी अन्य लेखक की पुस्तक को अच्छी तरह से पढ़कर समझा जा सकता है।  इतिहास प्राचीन भारत  रामशरण शर्मा (ओरिएंट ब्लैकस्वान प्रकाशन )  मध्यकालीन भारत     सतीश चंद्र (ओरिएंट ब्लैकस्वान प्रकाशन)    आधुनिक भारत    विपिन चंद्र , राजीव अहीर    विश्व इतिहास    दीनानाथ वर्मा     कला एवं संस्कृति दृष्टि प्रकाशन की पुस्तक         नोट:  संघ लोक सेवा आयोग (upsc) एवं विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोगों द्वारा आयोजित की जाने वाली  प्रारंभिक परीक्षाओं के लिये दृष्टि पब्लिकेशन की पुस्तक "भारतीय इतिहास एवं राष्‍ट्रीय"  आंदोल...

आईएएस परीक्षा का पाठ्यक्रम

  सिविल सेवा परीक्षा का प्रारूप संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा का प्रारूप इस प्रकार है -   परीक्षा  परीक्षा आयोजन का माह  (सामान्यत:) विषय  कुल अंक  *1   प्रारंभिक  मई  सामान्य अध्ययन  प्रश्नपत्र    I & II प्रश्नपत्र   I – 200  प्रश्नपत्र   II – 200 मुख्य  सितंबर सामान्य अध्ययन  (प्रश्नपत्र –I) सामान्य अध्ययन  (प्रश्नपत्र –II) सामान्य अध्ययन  (प्रश्नपत्र –III) सामान्य अध्ययन  (प्रश्नपत्र –IV) वैकल्पिक विषय (प्रश्नपत्र –I) वैकल्पिक विषय (प्रश्नपत्र –II) निबंध लेखन 250 250 250 250 250 250 250     *2   अनिवार्य : अंग्रेज़ी     *3   अनिवार्य : भारतीय भाषा 300 300 साक्षात्कार  फरवरी-मार्च-अप्रैल  व्यक्तित्व परीक्षण  275   नोट: *1 प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त किये गये अंकों को मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार के अंकों के साथ नहीं जोड़ा जाता है। *2,*3  अनिवार्य अंग्रेज़ी एवं भारतीय भाषा में प्राप्त किये गए...

आईएएस परीक्षा कैसे होती है

  सिविल सेवा परीक्षा : एक परिचय संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), जो भारत का एक संवैधानिक निकाय है, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) जैसी अखिल भारतीय सेवाओं तथा भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS), भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) एवं भारतीय कंपनी कानून सेवा (ICLS) आदि जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं हेतु अभ्यर्थियों का चयन करने के लिये प्रत्येक वर्ष सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है। प्रत्येक वर्ष लाखों अभ्यर्थी अपना भाग्य आज़माने के लिये इस परीक्षा में बैठते हैं। तथापि, उनमें से चंद अभ्यर्थियों को ही “ राष्ट्र के वास्तुकार”  (Architect of Nation) की संज्ञा से विभूषित इन प्रतिष्ठित पदों तक पहुँचने का सौभाग्य प्राप्त होता है। ‘सिविल सेवा परीक्षा’ मुख्यत: तीन चरणों (प्रारंभिक, मुख्य एवं साक्षात्कार) में सम्पन्न की जाती है जिनका सामान्य परिचय इस प्रकार है-  प्रारंभिक परीक्षा: सिविल सेवा परीक्षा का प्रथम चरण  प्रारंभिक परीक्षा  कहलाता है। इसकी प्रकृति पूरी तरह वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होती है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक प्रश्न के लिये दि...

संस्कृत श्लोक

संजय धाकड़ ·         असतो मा सदगमय ।   तमसो मा ज्योतिर्गमय।  मृत्त्योर्मामृत‌ं गमय।। ·         कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।     कर मूले तु गोविंद: प्रभाते कर दर्शनम्।। ·         कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।   मां कर्मफल हेतुरभूर्मा ते संगो स्वत्कर्मणि।।